NDTV क्लीनाथॉन में अमिताभ बच्‍चन बोले, महात्‍मा गांधी के स्‍वच्‍छ भारत का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है

नई दिल्ली: NDTV-डेटॉल बनेगा स्वच्छ इंडिया क्लीनाथॉन के दौरान मुंबई के सन एन सैंड बीच से कैम्पेन एम्बैसेडर अमिताभ बच्चन ने कहा कि 150 साल पहले एक महामानव पैदा हुए थें मोहन दास करमचंद गांधी. उन्‍होंने पीर पराई समझी और हम सबको एक लक्ष्‍य दिया जो भी करो उससे पहले देखो इस देश के सबसे कमजोर आदमी को फायदा होगा या नहीं. उन्‍होंने देश को एक सूत्र दिया और हमें आजादी दिलाई. भारत ने कई सपने पूरे किए लेकिन एक सपना अभी भी बचा हुआ है वो है स्‍वच्‍छ भारत का सपना. गांधी जी के लिए स्‍वच्‍छता एक चरखे की तरह आजादी की लड़ाई का एक हथियार था. 2014 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने महात्‍मा गांधी की स्‍मृति में स्‍वच्‍छ भारत अभियान शुरू किया और देशवासियों से अपील की कि वो देश को स्‍वच्‍छ रखें. तब से अब तक सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 8.5 करोड़ शौचालय बन चुके हैं. 21 राज्‍य और केन्‍द्र शासित प्रदेश खुले में शौच मुक्‍त हो चुके हैं. इस सफाई का सबसे बड़ा फायदा छोटे-छोटे बच्‍चों को जो अब डायरिया और गंदगी से होने वाली बीमारी से पहले की तरह दम नहीं तोड़ते हैं. पीड़ित बच्‍चों की संख्‍या इन आंकड़ों के मुताबिक कम हुई है.

अमिताभ बच्‍चन ने कहा कि अगले साल 2 अक्‍टूबर को गांधी जी की 150वीं जयंती हैं और अगले साल तक लक्ष्‍य यही है कि पूरे देश को शौचालय मुक्‍त करना है और अभिशाप से मुक्‍त होना है. यह हमारी मुहिमा का पांचवा हिस्‍सा है. इन पांच सालों में हमने आपका भरपूर सहयोग और साथ मिला है. पहले साल में 221 करोड़ से ज्‍यादा इक्‍ट्ठा किए और शौचालय बनाए. अगले साल हम इस मुहिम को स्‍कूलों तक ले गए. 10 हजार से ज्‍यादा हाईजीन से जुड़े पाठ तैयार कराए और शिक्षकों की ट्रेनिंग का इंतजाम कराया. हमने लोगों को शपथ भी दिलाई. तीसरे साल ये काम और आगे बढ़ा. स्‍वच्‍छता को हमने सेहत से जोड़ा क्‍योंकि गंदगी से ही बीमारी होती है और मौतें होती हैं. गंदगी, प्रदूषण और मौत के खिलाफ हमारी जंग चलती रही. चौथे साल हमने प्‍लास्टिक को निशाना बनाया. हमने लोगों से अपील की कि वो अपने आसपास से सिर्फ 10 गज के दायरे का ध्‍यान रखे तो पूरा देश स्‍वच्‍छ होता चला जाएगा. अब स्‍वच्‍छ भारत को स्‍वस्‍थ भारत बनाने का समय आ गया है.

उन्‍होंने कहा कि इस साल हमारी अपील है कि आप अपने स्‍कूल, घर और समाज के आसपास पेड़ लगाएं ताकि शहरी भारत की हवा कुछ साफ हो सके. आज का दिन बेहद खास है दोस्‍तों क्‍योंकि हम अपनी पिछल चार साल की उपलब्धियों का जश्‍न मनाएंगे और इस मुहिम को दो अक्‍टूबर 2019 तक लेकर जाएंगे. इस मुहिम के जरिए हमने देश को एक नए दौर में ले जाना है. स्‍वच्‍छ और स्‍वस्‍थ भारत के सपने को पूरा करना है. एक हरभरा देश बनाना है. पेड़ लगाए और लगवाए भी. हमें शपथ लेनी चाहिए कि हम पेड़ों को बचाएंगे. 2020 तक भारत देश का सबसे युवा राष्‍ट्र होगा और भारत की औसत उम्र सिर्फ 27 साल होगी.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

India’s Second Cleanest City Ambikapur To Open One-of-a Kind ‘Garbage Café’ That Will Help Managing City’s Plastic Waste Effectively

In Chhattisgarh’s Ambikapur, Municipal Corporation decides to introduce India’s first Garbage Café wherein food to the poor and homeless will be provided for free of cost in return they have to give plastic or waste from the city