स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 : यह हैं देश के सबसे साफ-सुथरे शहर

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 : यह हैं देश के सबसे साफ-सुथरे शहर

केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे सामने आए, मध्यप्रदेश के इंदौर और राजधानी भोपाल एक बार फिर टॉप पर
Banega Swachh India Hindi Special
- in Banega Swachh India Hindi Special
0
स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 : यह हैं देश के सबसे साफ-सुथरे शहरइंदौर एक बार फिर देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है.
Highlights
  • चंडीगढ़ को स्वच्छता में तीसरा स्थान मिला
  • झारखंड सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य चुना गया
  • दूसरे और तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ़ रहे

नई दिल्ली: देश का सबसे स्वच्छ शहर एक बार फिर इंदौर घोषित किया गया है. सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे आज सामने आ गए. इसमें मध्यप्रदेश के दो शहर फिर अव्वल रहे. पहले स्थान पर जहां इंदौर है वहीं दूसरे स्थान पर राज्य की राजधानी भोपाल है. चंडीगढ़ को तीसरा स्थान मिला है. बीते साल कराए गए सर्वेक्षण में भी इंदौर और भोपाल ने बाजी मारी थी. स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में झारखंड को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य चुना गया. इसके बाद महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ़ का स्थान रहा.

Also Read: A Step Ahead From The Rest: Indore Uses Smart Watches And GPS-Enabled Vehicles To Maintain Its Cleanest City Title

आवास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के नतीजे घोषित किए. इसका मकसद देश भर के शहरों में स्चच्छता स्तर का आकलन करना है. पुरी ने कहा कि सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शहरों के नाम उस दिन घोषित किए जाएंगे जिस दिन पुरस्कार दिए जाएंगे. स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के तहत देश के सभी 4200 शहरों में सफाई की स्थिति का आकलन किया गया. सर्वेक्षण चार जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 शुरू किया गया था. पिछले वर्ष इसमें केवल 434 शहरों को शामिल किया गया था. और इससे पहले साल 2016 में सिर्फ 73 शहर शामिल थे. साल 2014 से स्वच्छ भारत अभियान के तहत शुरू किया गया यह तीसरा सर्वेक्षण है.

Also Read: Swachh Survekshan 2018: Indore Retains Its Tag Of India’s Cleanest City

पिछले वर्ष 434 शहरों के 37 लाख लोगों के बीच सर्वेक्षण किया गया था. इसमें मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल टॉप पर रहे थे. इस सर्वे में शीर्ष पांच शहरों में इंदौर व भोपाल के अलावा आंध्र प्रदेश का विशाखापट्टनम, गुजरात का सूरत और कर्नाटक का मैसूर शामिल थे. चंडीगढ़ 11 वें स्थान पर रहा था. जबकि साल 2016 में वह दूसरे स्थान पर था. सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के गोंडा और महाराष्ट्र के भुसावल को सबसे गंदा शहर बताया गया था. केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 से लेकर अब तक बजट में 33,875 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए ही हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण किया जाता है. यह सर्वेक्षण क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किया जाता है.

Also Read: Swachh Survekshan 2018: Congratulations Indore, You Did It Again! Here’s How Twitter Is Congratulating The Cleanest City Of India

NDTV – Dettol Banega Swachh India campaign lends support to the Government of India’s Swachh Bharat Mission (SBM). Helmed by Campaign Ambassador Amitabh Bachchan, the campaign aims to spread awareness about hygiene and sanitation, the importance of building toilets and making India open defecation free (ODF) by October 2019, a target set by Prime Minister Narendra Modi, when he launched Swachh Bharat Abhiyan in 2014. Over the years, the campaign has widened its scope to cover issues like air pollutionwaste managementplastic banmanual scavenging and menstrual hygiene. The campaign has also focused extensively on marine pollutionclean Ganga Project and rejuvenation of Yamuna, two of India’s major river bodies

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Study Supports Airborne Spread Of COVID-19 In Indoor Spaces

A study published in JAMA Internal Medicine has linked a community outbreak of COVID-19 in China to a source patient who likely spread the virus to fellow bus riders through the bus's air conditioning system