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बेहतर भविष्य के लिए रेकिट की प्रतिबद्धता

हॉर्नबिल फेस्टिवल में स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता को मिला बढ़ावा: ड्यूरेक्स द बर्ड्स एंड बीज टॉक कार्यक्रम ने छोड़ी गहरी छाप

बर्ड्स एंड बीज टॉक ने हॉर्नबिल फेस्टिवल 2023 में एक स्थायी प्रभाव डाल कर सांस्कृतिक संवर्धन और सामुदायिक विकास में दिया महत्वपूर्ण योगदान

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Enhancing Health and Hygiene Awareness at Hornbill Festival: Durex The Birds and Bees Talk Programme Leaves Lasting Impact
हॉर्नबिल महोत्सव हर साल दिसंबर के पहले सप्ताह के दौरान नागालैंड में आयोजित किया जाता है

नई दिल्ली: ‘त्योहारों के त्योहार’ के रूप में प्रसिद्ध हॉर्नबिल महोत्सव अपनी नवीनता भरी पहल के साथ एक बार फिर से नागा परंपराओं के शानदार प्रदर्शन की सांस्कृतिक छटा बिखेरने में कामयाब रहा. ड्यूरेक्स की द बर्ड्स एंड बीज टॉक (टीबीबीटी) ने प्लान इंडिया के सहयोग से, यौन स्वास्थ्य, जोखिम भरे यौन व्यवहार, लिंग समानता जैसे विभिन्न पहलुओं की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए, फेस्टिवल के आधिकारिक स्वास्थ्य भागीदार के रूप में अपनी भूमिका दमदार ढंग से निभाई. छह पूर्वोत्तर राज्यों में चार मिलियन से अधिक युवाओं को लक्षित करते हुए टीबीबीटी कार्यक्रम ने 2022 में अपनी परिवर्तनकारी यात्रा की झलक पेश की और इस बार वह 71 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंचने में कामयाब रहा. साथ ही नागालैंड के जीवंत समुदायों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक सशक्‍तीकरण की अपनी प्रतिबद्धता को और भी मजबूत किया.

कार्यक्रम की खास बातें

हॉर्नबिल फेस्टिवल में टीबीबीटी ने ‘टैटू के साथ फेस पेंटिंग’, ‘360 वीडियो बूथ’ और इंटरैक्टिव ‘रन टू लर्न’ गेम सेंटर जैसी पहल के जरिये लोगों को विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में शामिल किया. साथ ही “विकास के 5 लोकाचार” (5 इथॉस ऑफ ग्रोइंग-अप) नामक शानदार कलात्मक प्रस्तुति को पेश किया, जिसमें ‘समावेश, संरक्षण, सहमति, समानता और जागरूकता’ जैसे सामाजिक मूल्यों पर जोर दिया गया.

“5 इथॉस ऑफ ग्रोइंग” मूर्तिकला के जरिये समावेश, संरक्षण, सहमति, समानता और जागरूकता’ के पांच स्तंभों पर प्रकाश डाला गया.

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टीबीबीटी ने युवाओं के बीच कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करते हुए भित्ति चित्र प्रतियोगिता (ग्रैफिटी कंपटीशन) में उत्साह पूर्वक भाग लिया. इसके अलावा “किशोरावस्था के जीवंत रंगों को व्यक्त करें” विषय पर एक पेंटिंग प्रतियोगिता के जरिये रचनात्मकता का जश्न मनाते हुए प्रतिभाशाली कलाकारों को युवाओं को प्रेरित करने का एक मंच प्रदान किया.

जनता को इस पहल के बारे में जानकारी देने के लिए बर्ड्स एंड बीज टॉक कार्यक्रम में ‘टैटू व फेस पेंटिंग जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया.

“किशोरावस्था के जीवंत रंगों की अभिव्यक्ति” शीर्षक वाली चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेते प्रतिभागी.

एक वर्चुअल मैराथन स्टाइल गेम के जरिये ‘रन टू लर्न’ केंद्र ने प्रतिभागियों को समावेशन, जागरूकता, सहमति, समानता और सुरक्षा जैसे सामाजिक मूल्यों के बारे में शिक्षित किया. यौन स्वास्थ्य और विविधता के बारे में जानकारी के साथ उपस्थित लोगों को सशक्त बनाने के लिए किताबें और पक्षी और मधुमक्खी की थीम वाले हेयर बैंड जैसे आकर्षक उपहार वितरित किए गए.

हॉर्नबिल फेस्टिवल में ‘रन टू लर्न’ वर्चुअल गेम में हाथ आजमाता एक प्रतिभागी.

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इस इनिशिएटिव की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए रेकिट ने एक रैप एल्बम का अनावरण किया, जिसमें जीनी, सुदर्शन राय, ए होसे और मोको कोजा जैसे उत्तर-पूर्व के कलाकार शामिल हुए. इनके रैप गीत सामाजिक जागरूकता, समावेशन, समानता और आपसी सहमति जैसे विषयों पर केंद्रित थे, जिसने युवाओं को संगीत के माध्यम से शिक्षित करने का एक अनूठा नजारा पेश किया.

मोको कोजा ने अपने मधुर प्रदर्शन से लोगों को ‘आपसी सहमति’ का महत्व समझाया.

प्रभाव और प्रशंसा

हॉर्नबिल फेस्टिवल के साथ लोगों का सहयोग स्वच्छ और स्वस्थ दुनिया के प्रति रेकिट की प्रतिबद्धता जितना ही मजबूत रहा. रेकिट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दक्षिण एशिया, गौरव जैन ने साझेदारी के महत्व पर जोर देते हुए इस पहल के साथ उत्तर-पूर्व में उत्साही युवाओं के जुड़ाव और सक्रियता की सराहना करते हुए इसे एक स्वस्थ और अधिक टिकाऊ भविष्य में योगदान बताया.

साझेदारी को स्वीकार करते हुए, नागालैंड के पर्यटन और उच्च शिक्षा मंत्री, तेमजिन इम्ना अलोंग ने इस सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लंबे समय तक यूं ही जारी रहने की उम्मीद जताई. उन्होंने ऐसी पहलों के जरिए एक ऐसे भविष्य की कामना की जो नागालैंड के युवाओं के लिए सेहत और खुशहाली लाने वाला हो.

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नागालैंड के पर्यटन निदेशक केदुओसियु मेथा ने सहमति, समानता, सुरक्षा, समावेशन और जागरूकता जैसे सिद्धांतों पर जोर देते हुए इस फेस्टिवल के मूल्यों के साथ सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्‍होंने इस फेस्टिवल से एकता में मजबूती आने और सामाजिक जागरूकता व सामुदायिक भावना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद भी जताई, जोकि इस पहल का मुख्य उद्देश्य भी है.

अंत में प्लान इंडिया के कार्यकारी निदेशक मोहम्मद आसिफ ने नागालैंड के पर्यटन विभाग के मजबूत समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने इसे काफी महत्‍वपूर्ण बताया, क्योंकि इस आयोजन के माध्‍यम से द बर्ड्स एंड बीज टॉक शिक्षा, ज्ञान और संसाधनों के माध्यम से किशोरों व युवाओं को सशक्त बनाने के अपने अभियान के चौथे वर्ष में प्रवेश कर गया है.

निष्कर्ष

महोत्सव में बर्ड्स एंड बीज टॉक प्रोग्राम (टीबीबीटी) ने कई नवीनता भरे कार्यक्रमों के जरिये लोगों को जागरूक किया.

ड्यूरेक्स द बर्ड्स एंड बीज टॉक ने हॉर्नबिल फेस्टिवल में एक स्थायी प्रभाव डाला. साथ ही सांस्कृतिक संवर्धन और सामुदायिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया. महोत्सव के साथ सहयोगात्मक प्रयास, नवीनता भरी आकर्षक पहलों के जरिये संपूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा, एक स्वस्थ और सचेत पीढ़ी तैयार करने को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया.

हॉर्नबिल फेस्टिवल में बर्ड्स एंड बीज टॉक कार्यक्रम के स्टॉल पर बड़ी संख्या में पहुंचे लोग.

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