NDTV-Dettol Banega Swasth Swachh India NDTV-Dettol Banega Swasth Swachh India

ताज़ातरीन ख़बरें

जानिए कितनी हेल्‍दी हैं भारत की महिलाएं

सैम्‍पल रजिस्‍ट्रेशन सिस्‍टम (एसआरएस) रिपोर्ट के अनुसार, भारत का मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) 2014-16 में 130 प्रति 100,000 जीवित से गिरकर 2017-19 में 103 हो गया है

Read In English
जानिए कितनी हेल्‍दी हैं भारत की महिलाएं
भारत में 57 प्रतिशत महिलाओं (15-49 वर्ष) को एनीमिया है: एनएफएचएस-5

नई दिल्ली: भारत में पहली बार साल 2021 में लिंगानुपात में सुधार हुआ और देश में महिलाओं की संख्या पुरुषों की संख्या से आगे निकल गई. दिसंबर 2021 में वर्ष 2019-2021 के लिए जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रति 1,000 पुरुषों पर 1,020 महिलाएं हैं. 2005-06 में किए गए NFHS-3 के अनुसार, लिंग अनुपात 1000:1000 था और 2015-16 (NHFS-4) में यह घटकर 991:1000 हो गया. हालांकि, लिंगानुपात ही लैंगिक समानता का एकमात्र निर्धारक नहीं हो सकता है. स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और स्वास्थ्य के निर्धारक जैसे कई अन्य आंकड़े महिलाओं की तंदुरुस्ती को दर्शाते हैं.

इसे भी पढ़ें: प्रिय महिलाओं, खुद की केयर को अहमियत देने का समय आ गया है

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य की स्थिति पर एक नजर:

  1. 2019 और 2021 के बीच किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 में कहा गया है कि भारत में, 23.3 प्रतिशत महिलाओं (20-24 वर्ष) की शादी 18 साल की उम्र से पहले हो गई थी. 2015-16 में लड़कियों के बीच कम उम्र में शादी के प्रतिशत में 26.8 प्रतिशत तक की मामूली गिरावट दर्ज की गई. पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की सीनियर मैनेजर, नॉलेज मैनेजमेंट एंड पार्टनरशिप्स संघमित्रा सिंह ने बनेगा स्वस्थ इंडिया के लिए लिखे गए एक लेख में स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों के बारे में बात की है. वह लिखती हैं, “बाल विवाह लड़कियों को उनके जीवन के ज़रिए प्रभावित करते हैं, जिससे प्रारंभिक गर्भधारण, असुरक्षित गर्भपात, मातृ मृत्यु दर, किशोर मां और बच्चे दोनों के खराब स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति के प्रति उनकी संवेदनशीलता बढ़ जाती है”
  2. यूनिसेफ का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान, महिलाओं और उनके अजन्मे बच्चों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए प्रसव से पहले देखभाल ज़रूरी है. संयुक्त राष्ट्र निकाय कहता है कि, “निवारक स्वास्थ्य देखभाल के इस रूप के माध्यम से, महिलाएं गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ व्यवहार के बारे में कुशल स्वास्थ्य कर्मियों से सीख सकती हैं, गर्भावस्था और प्रसव के दौरान चेतावनी के संकेतों को बेहतर ढंग से समझ सकती हैं, और अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण समय में सामाजिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक समर्थन पा सकती हैं.” एनएफएचएस-5 के अनुसार, भारत में पहली तिमाही में प्रसव से पहले जांच कराने वाली महिलाओं का प्रतिशत 58.6 प्रतिशत (2015-16) से बढ़कर 70 प्रतिशत (2019-21) हो गया है.
  3. एनएफएचएस-5 के आंकड़ों से पता चलता है कि देश में संस्थागत जन्म 78.9 प्रतिशत (2015-16) से बढ़कर 88.6 प्रतिशत (2019-21) हो गया है. इसी तरह, सार्वजनिक सुविधा में संस्थागत जन्म भी 2015-16 में 52.1 प्रतिशत से बढ़कर 2019-21 में 61.9 प्रतिशत हो गया है.
  4. भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) की नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) रिपोर्ट के अनुसार, भारत का मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) एसआरएस 2014-16 में प्रति 100,000 जीवित जन्मों पर 130 से घटकर, एसआरएस 2015-17 में 122 से घटकर, 2016-18 में 113 और एसआरएस 2017-19 में प्रति 100,000 जीवित जन्मों पर 103 हो गया है.
  5. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 1975 के बाद से दुनिया भर में मोटापा लगभग तीन गुना बढ़ गया है. भारत में सभी आयु वर्ग के लोगों में मोटापे में वृद्धि देखी जा रही है. 2019-21 में, 15-49 वर्ष की आयु वर्ग की 24 प्रतिशत महिलाओं में अधिक वजन या मोटापे की सूचना मिली थी. 2015-16 में यह आंकड़ा 20.6 प्रतिशत था.
  6. एनीमिया देश में एक स्वास्थ्य संकट है और, पुरुषों की तुलना में महिलाओं का दोगुना प्रतिशत इससे प्रभावित होता है. एनएफएचएस-5 के अनुसार, 2019-21 में 57 प्रतिशत महिलाएं (15-49 वर्ष) एनीमिया से पीड़ित थीं, यह 2015-16 की तुलना में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि है.
  7. भारत में अधिक महिलाएं (15-24 वर्ष) अपने मासिक धर्म के दौरान सुरक्षा के स्वच्छ तरीकों का उपयोग करती हैं. एनएफएचएस-5 स्थानीय रूप से तैयार नैपकिन, सैनिटरी नैपकिन, टैम्पोन और मासिक धर्म कप के रूप में सुरक्षा के स्वच्छ तरीकों को परिभाषित करता है. इन उत्पादों का उपयोग 57.6 प्रतिशत (2015-16) से बढ़कर 77.3 प्रतिशत हो गया है.

इसे भी पढ़ें: महिलाओं के लिए सेल्‍फ केयर, लिंग रूढ़िवादिता और सामाजिक परिवर्तन पर सोशल वर्कर डॉ. मल्लिका साराभाई की राय

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Highlights: Banega Swasth India Launches Season 10

Reckitt’s Commitment To A Better Future

India’s Unsung Heroes

Women’s Health

हिंदी में पढ़ें

This website follows the DNPA Code of Ethics

© Copyright NDTV Convergence Limited 2024. All rights reserved.