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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2024: जानिए योग के जरिए अपना स्वास्थ्य कैसे बेहतर रख सकती हैं महिलाएं

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) के मौके पर, टीम बनेगा स्वस्थ इंडिया ने महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण पर योग के प्रभाव को समझने के लिए इरा त्रिवेदी (Ira Trivedi) से बात की

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024: आइए जानते हैं कि महिलाएं योग के जरिए अपना स्वास्थ्य कैसे बेहतर रख सकती हैं
योग, एक शारीरिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा है

नई दिल्ली: सांस लें, सांस को रोकें फिर सांस को छोड़े. ये प्रक्रिया बार-बार दोहराएं. अपनी नाक से धीरे-धीरे और गहरी सांस लें और हवा को अपने फेफड़ों में भरने दें. इसके बाद अपनी नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़ें.

यह करके ऐसा महसूस होता है कि एक आसान सी सांस लेने की तकनीक आपके दिमाग को शांत करने और तनाव को कम करने में मदद कर सकती है. सांस लेना यानी ब्रीदिंग योग अभ्यास का एक अनिवार्य पहलू है. सेलिब्रिटी योगा इंस्ट्रक्टर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट-सेलिंग लेखिका इरा त्रिवेदी का कहना है कि योग आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए चमत्कार साबित हो सकता है. वह कहती हैं,

जब महिलाओं के स्वास्थ्य की बात आती है, तो उनके लिए योग से बेहतर कुछ नहीं है.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) पर, टीम बनेगा स्वस्थ इंडिया ने महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण पर योग के प्रभाव को समझने के लिए योगा इंस्ट्रक्टर इरा त्रिवेदी से बात की. इरा ने समझाते हुए कहा,

योग खासतौर पर हमारे अंतःस्रावी तंत्र (endocrine system) पर काम करता है जो महिलाओं के लिए संवेदनशील होता है और असंतुलित हो जाता है. महिलाएं रोजाना 10-15 मिनट के साथ अपनी योग यात्रा की शुरुआत कर सकती हैं.

इरा त्रिवेदी का मानना है कि सांस लेने की दो सबसे अच्छी तकनीकें कपालभाति (skull shining) और अनुलोम-विलोम हैं. उन्होंने समझाया,

कपालभाति शरीर को डिटॉक्सिफाई करने और ग्राउंडिंग इफेक्ट के लिए बहुत अच्छा होता है. यह चेहरे पर सुंदर चमक भी लाता है. दूसरी ओर, अनुलोम-विलोम सभी प्राणायाम (breath regulation) का गोल्ड स्टैंडर्ड है. शुरुआत में आप लगभग 200 बार कपालभाति का अभ्यास कर सकते हैं, इसे तीन राउंड में तोड़ सकते हैं और लगभग पांच से सात मिनट तक अनुलोम-विलोम का अभ्यास कर सकते हैं.

तनाव यानी स्ट्रेस को दूर करने के लिए, इरा त्रिवेदी ने तीन स्टेप वाले एक रूटीन को फॉलो करने की सलाह दी:

  1. गहरी डायाफ्रामिक सांस लेना (Deep diaphragmatic breathing): गहरी सांस लें और फिर पूरी तरह से सांस को छोड़ें
  2. अनुलोम-विलोम या वैकल्पिक नासिका छिद्र से सांस लेना (Anulom Vilom or alternate nostril breathing): इसमें किसी एक नासिका छिद्र से सांस लेना होता है और फिर दूसरे से सांस छोड़ना होता है.
  3. बच्चे की मुद्रा या बालासन (Child’s pose or Balasana): इस आसान के कई फायदे होते हैं. यह मुद्रा मन को शांत, स्थिर और तनाव को कम करने में मदद करती है.

उन्होंने समझाया,

जब ध्यान (meditation) या प्राणायाम का अभ्यास किया जाता है, तो मस्तिष्क यानी ब्रेन रिलेक्स हो जाता है और तनाव दूर हो जाता है. यह किसी भी तरह की निगेटिव लाइफ स्टाइल के लिए एक बढ़िया एंटीडोट (antidote) है. यह एक सुंदर शारीरिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा है.

जबकि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है, उसके साथ ही कुछ ऐसी आदतें हैं, जिन्हें महिलाओं को ओवरऑल वेल-बीइंग (overall well-being) के लिए अपनाने की जरूरत होती है. यहां ऐसी पांच आदतें बताई गई हैं जिन्हें महिलाओं को अपनाना चाहिए:

  1. पोषण (Nutrition) – अच्छे स्वास्थ्य के लिए बुनियादी सिद्धांत
  2. व्यायाम (Exercise) – योग बहुत अच्छा होता है लेकिन इसके साथ फिजिकल एक्टिविटी और एक्सरसाइज को भी अपने रूटीन में शामिल करें. जैसे चलना या अपने बच्चों के साथ खेलना.
  3. सही तरह से सांस लेना
  4. आराम करना और अच्छी नींद लेना
  5. सकारात्मक सोच – सकारात्मक सोच यानी पॉजिटिव थिंकिंग से जीवन के प्रति आपका नजरिया बदलने में मदद मिल सकती है. नकारात्मक सोच से दूर रहने की कोशिश करें.

 

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