Connect with us

ताज़ातरीन ख़बरें

आइए जानते हैं भारत के पहले ग्रोइंग अप म्यूजिक एल्बम “लेट्स टॉक अबाउट इट” के बारे में

रेकिट के नेतृत्व में और प्लान इंडिया द्वारा कार्यान्वित द बर्ड्स एंड बीज़ टॉक (टीबीबीटी) कार्यक्रम ने एक संगीत एल्बम के माध्यम से तीसरे वर्ष में प्रवेश किया, जो कार्यक्रम के पांच मुख्य सिद्धांतों – समावेश, जागरूकता, सहमति, इक्विटी और संरक्षण को बढ़ावा देता है

Read In English
Let’s Talk About It: India’s First Music Album On Growing Up Launched In Manipur
भारत के पहले म्‍यूजि एल्बम 'लेट्स टॉक अबाउट इट' में चार गाने हैं

नई दिल्ली: “हम जीवन भर प्यार से बिता सकते हैं लेकिन पहले मुझे सुरक्षा मिल जाए. इसके बारे में बात करने में कोई हर्ज नहीं है”- ये राहुल राजखोवा द्वारा गाए गए ‘प्रोटेक्शन’ गाने के बोल हैं. प्रोटेक्शन द बर्ड्स एंड बीज़ टॉक, बड़े होने और जीवन कौशल के बारे में एक प्रोग्राम द्वारा भारत के पहले संगीत एल्बम ‘लेट्स टॉक अबाउट इट’ के हिस्से के रूप में लॉन्च किए गए चार गीतों में से एक है. रेकिट के नेतृत्व में और प्लान इंडिया द्वारा कार्यान्वित द बर्ड्स एंड बीज़ टॉक (टीबीबीटी) कार्यक्रम ने एक संगीत एल्बम के माध्यम से तीसरे वर्ष में प्रवेश किया, जो कार्यक्रम के पांच मुख्य सिद्धांतों – समावेश, जागरूकता, सहमति, इक्विटी और संरक्षण को बढ़ावा देता है.

जून 2019 में यौन स्वास्थ्य, यौन जोखिम व्यवहार, लैंगिक समानता और विविधता पर जानकारी के साथ किशोरों को सशक्त और शिक्षित करने के लिए, रेकिट ने द बर्ड्स एंड बीज़ टॉक पहल की घोषणा की, जिसमें छह उत्तर पूर्वी राज्यों – मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर में चार मिलियन युवाओं और किशोरों को लक्षित किया गया था. राज्य सरकारों के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं.

इसे भी पढ़ें : किशोर यौन स्वास्थ्य: इन पांच विषयों पर आपको अपने पूर्व-किशोर या किशोर के साथ चर्चा करनी चाहिए

म्‍यूजिक एल्बम को 14 जून को मणिपुर में मणिपुर सरकार में शिक्षा, कानून और विधायी कार्य के मंत्री बसंत सिंह की उपस्थिति में लॉन्च किया गया था. इवेंट में एनडीटीवी के साथ बात करते हुए, सिंह ने किशोरों और युवाओं को सहमति और प्रजनन जैसे विषयों पर संवेदनशील बनाने के लिए रेकिट को बधाई दी, जिन्हें वर्जित माना जाता है और उनके माता-पिता द्वारा घर पर इसपर चर्चा नहीं की जाती है. आगे शिक्षा में संगीत की भूमिका के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,

यह एंटरटेंमेंट स्‍टाइल की एजुकेशन छात्रों का ध्यान बड़े पैमाने पर आकर्षित करने में मदद करती है और मुझे यकीन है कि यह बच्चों की रुचि में योगदान देने में एक लंबा रास्ता तय करेगा. यह उसी तरह से जैसे ‘बर्ड और बीज़ टॉक’, जो उनके बड़े होने की अवस्था, विशेषकर किशोर अवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

म्‍यूजिक एल्बम का उद्देश्य किशोरों और युवाओं की ऊर्जा को एक दिशा में निर्देशित करना है जो सहानुभूति पैदा करता है, सकारात्मक और सूचित निर्णय लेने में मदद करता है और आत्मविश्वास में मदद करता है. आकर्षक धुनों के माध्यम से, चार गाने 10-19 वर्ष की आयु के बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारी के साथ सशक्त बनाते हैं जो स्वस्थ व्यवहार को जिम्मेदार, स्वस्थ वयस्कों में विकसित करने के लिए बढ़ावा देता है. गाने यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में ‘बातचीत’ और ‘सामान्यीकरण’ करने पर जोर देते हैं.

द व्हूप के रियली स्पेशल टॉक गाने के बोल हैं- “यह समय है जब हम बात करते हैं. स्‍पेशल बात, अजीब बात. खुला, ईमानदार, शर्म से फ्री बातचीत. अपनी आशंका को कबूल करें. ब्रेक दी आईस, यह पूरी तरह से सामान्य है ”

जब यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में बातचीत करने की बात आती है, तो सामान्य चिंताओं में से एक यह है कि कामुकता शिक्षा प्रारंभिक सेक्स की ओर ले जाती है और बच्चों को उनकी ‘मासूमियत’ से वंचित करती है. द रियली स्पेशल टॉक अपने गीत के साथ इसी पर प्रकाश डालता है – “कामुकता के बारे में ज्ञान मासूमियत को खराब नहीं करता है. यह वैसे ही है जैसे कार में सवारी करना, या अच्छा यह चैट करने का समय है.”

इसे भी पढ़ें: सीजन 8 में, हम सभी को शामिल करने के लिए 360° दृष्टिकोण अपना रहे हैं: रवि भटनागर

रेकिट- दक्षिण एशिया के विदेश और भागीदारी निदेशक रवि भटनागर ने प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए कहा,

यह एक युवा केंद्रित प्रोग्राम है और किसी भी युवा केंद्रित कार्यक्रम को करने के लिए काफी मेहनत की जरूरत होती है.” कार्यक्रम को मणिपुर के मुख्यमंत्री, शिक्षा विभाग और सिंह से समर्थन मिला है. उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करते हुए शो को एक साथ आगे बढ़ाएंगे कि सभी बच्चे सुरक्षित और संरक्षित हैं और हमारे पास स्वस्थ बच्चों, स्वस्थ वयस्कों और स्वस्थ किशोरों का देश है.

एनडीटीवी के साथ बातचीत में, वोकलिस्ट और गिटारिस्ट राहुल राजखोवा ने कहा कि यह एल्बम युवाओं और वर्तमान पीढ़ी को यौन स्वास्थ्य, समावेश, शरीर की सकारात्मकता, और लैंगिक असमानताओं और कामुकता को कैसे संबोधित करते हैं, इस बारे में पूरी जानकारी देने की एक कोशिश है.. राहुल, जो एक टीचर भी हैं, ने संगीत को शिक्षा के साधन बताया और कहा,

मैं जेन जेड के साथ बहुत कुछ करता हूं और मैं कह सकता हूं कि उन्हें ऐसी चीजें पसंद नहीं हैं जो बहुत उपदेशात्मक हों. उन्हें यह बताना पसंद नहीं है कि उन्हें किस तरह से क्या करना चाहिए जो मज़ेदार न हो. आपको उनके लिए इसे रोमांचक बनाने की जरूरत है ताकि वे ज्ञान को बेहतर तरीके से संसाधित कर सकें. इस एल्बम में मजेदार गाने हैं और वे बेहद आकर्षक हैं.

मोहम्मद आसिफ, कार्यकारी निदेशक, प्लान इंडिया कहते हैं कि यह एल्बम बच्चों, युवा वयस्कों और युवाओं से जुड़ने के लिए प्रभावी माध्यमों के रूप में संगीत, कला और संस्कृति के महत्व का प्रतिध्वनित करती है. उन्‍होंने कहा,

द बर्ड्स एंड बीज़ टॉक सॉन्‍ग एल्बम के साथ, हम उत्तर पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उपयोग करना चाहते हैं और स्थानीय संगीत कलाकारों और संगीतकारों को बड़े होने पर सही संदेश फैलाने और ‘लेट्स टॉक अबाउट आई’ को एक मंच प्रदान करने के लिए बढ़ावा देना चाहते हैं.

इसे भी पढ़ें: किशोर यौन स्वास्थ्य: विशेषज्ञों कहते हैं, पैरेंट्स, टीचर्स को सेक्स और सेक्‍चूऐलिटी पर चुप्पी के चक्र को तोड़ने की जरूरत है

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Folk Music For A Swasth India

RajasthanDay” src=

Reckitt’s Commitment To A Better Future

Expert Blog

हिंदी में पड़े

Latest Posts