भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार (14 सितंबर) को राज्य में माताओं, किशोरियों और बच्चों के बीच पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘मुख्यमंत्री संपूर्ण पुष्टि योजना’ की शुरुआत की. इसके अलावा सीएम ने ‘पद पुष्टि योजना’ भी लॉन्च की. गुरुवार को ओडिशा सरकार के एक आधिकारिक बयान में ये जानकारी दी गई. सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि योजना के तहत 15 से 19 वर्ष की उम्र की सभी किशोरियों को पूरक पोषण आहार और गर्भवती महिलाओं को एक्सट्रा ड्राय फूड उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. इस योजना के जरिए गंभीर रूप से कुपोषित लोगों को संपूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया है. इसके अंतर्गत मध्यम कुपोषित बच्चों और गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चों के लिए विटामिन युक्त छटुआ (भुना हुआ चना) और अंडे आहार के रूप में शामिल हैं.
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‘पद पुष्टि योजना’ के तहत दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को उनके परिक्षेत्रों और गांवों में उच्च गुणवत्ता वाला पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषण का समृद्धि से गहरा संबंध है.
इसलिए पोषण में सुधार करके हम विकास लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं. माताएं ही परिवार को उचित पोषण दे सकती हैं. इसलिए इस कार्यक्रम की सफलता आंगनबाडी कार्यकर्ताओं और मिशन शक्ति की महिलाओं सहित माताओं पर भी निर्भर करती है.
ओडिशा 2020-21 के लिए पोषण बजट तैयार करने वाला देश का पहला राज्य है. ममता योजना राज्य में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य का उचित ख्याल रख रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री संपूर्ण पुष्टि योजना’ से जरूरतमंदों के बीच पोषण मूल्य में और सुधार होगा. उन्होंने आगे कहा,
इस योजना के माध्यम से राज्य की हर महिला और बच्चा स्वस्थ हो सकता है. इससे हम समृद्धि की राह पर आगे बढ़ेंगे और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे.
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