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भारत में हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्करों, बुज़ुर्गों को दिए जा रहे हैं बूस्टर डोज़ : 10 खास बातें

भारतभर में आज से ही हेल्थकेयर व फ़्रंटलाइन वर्करों तथा बुज़र्गों को COVID-19 वैक्सीन का तीसरा डोज़ दिया जा रहा है…

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India Starts Administration Of Booster Doses To Healthcare, Frontline Workers, Senior Citizens: 10 Things To Know
तीसरी या प्रीकॉशन डोज़ लगाते हुए वैक्सीन में कोई मिक्स-एंड-मैच नहीं किया जाएगा : केंद्र

नई दिल्ली: भारतभर में ओमिक्रॉन के चलते लगातार बढ़े रहे कोरोना मामलों के बीच वायरस से बचाव के लिए बूस्टर डोज़, जिसे ‘प्रीकॉशनरी डोज़’ का नाम दिया गया है, लगाना शुरू कर दिया गया है. सोमवार सुबह से ही डोज़ दिया जाना शुरू किया गा, और दोपहर 12 बजे तक 1.59 लाख लोगों को यह डोज़ लगाया जा चुका है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट किया, “हेल्थकेयर व फ़्रंटलाइन वर्कर्स तथा 60+ आयु के लोगों को डॉक्टर की सलाह पर #PrecautionDose देने का कार्यक्रम आज से देशभर में शुरू हो रहा है… PM @NarendraModi जी के नेतृत्व में सरकार प्राथमिकता के साथ हेल्थकेयर व फ़्रंटलाइन वर्कर्स को अतिरिक्त सुरक्षा कवच देने हेतु प्रतिबद्ध है…”

इसे भी पढ़ें: COVID-19: WHO चीफ साइंटिस्ट ने कहा, भारत में तीसरी लहर से निपटने के लिए टेलीकंसल्टेशन को बढ़ाया जाए

25 दिसंबर, 2021 को समूचे राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हेल्थकेर वर्करों, फ्रंटलाइन वर्करों तथा को-मॉरबिडिटी वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को कोविड-19 वैक्सीन के प्रीकॉशन डोज़ लगाए जाने की घोषणा की थी.

बूस्टर डोज़ के बारे में 10 अहम बातें:

  1. सभी हेल्थकेर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर तथा को-मॉरबिडिटी वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक अपने मौजूदा Co-WIN अकाउंट के ज़रिये ही कोविड-19 वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज़ हासिल कर पाएंगे.
  2. 60 वर्ष से अधिक आयु के वे नागरिक, जो मधुमेह, हाइपरटेंशन या अन्य क्रोनिक रोगों जैसे को-मॉरबिडिटी से ग्रस्त हैं, अपने डॉक्ट की सलाह से कोविड-19 वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज़ ले सकते हैं.
  3. ऐसे नागरिकों की प्रीकॉशन डोज़ के लिए पात्रता उन्हें दूसरी डोज़ लगाए जाने की Co-WIN में दर्ज तारीख से तय होगी. बूस्टर शॉट का पात्र होने के लिए उन्हें दूसरी और तीसरी डोज़ के बीच कम से कम नौ महीने या 39 सप्ताह का अंतर होना ज़रूरी होगा.
  4. Co-WIN सिस्टम की ओर से ऐसे पात्र नागरिकों को प्रीकॉशन डोज़ लेने के लिए SMS भेजा जाएगा, जब भी तीसरा डोज़ लेने का वक्त आ जाएगा. रविवार रात को, डॉ मंडाविया ने सूचना दी थी कि एक करोड़ से ज़्यादा पात्र लोगों को SMS के ज़रिये प्रीकॉशन डोज़ की जानकारी दी गई है.
  5. पात्र नागरिक अप्वाइंटमेंट बुक कर सकते हैं, और वैक्सीनेशन सेंटर पर सीधे जाकर भी बूस्टर डोज़ लगवा सकते हैं.
  6. प्रीकॉशन डोज़ लगवाए जाने की जानकारी भी वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में उचित तरीके से जोड़ दी जाएगी.
  7. तीसरी डोज़ उसी वैक्सीन की लगाई जाएगी, जिसकी पहली और दूसरी डोज़ लगाई गई थी. केंद्र सरकार कह चुकी है, वैक्सीन में कोई मिक्स-एंड-मैच नहीं किया जाएगा.
  8. इसका अर्थ यह हुआ कि जिन्हें सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड लगी है, उन्हें तीसरी डोज़ भी कोविशील्ड की दी जाएगी. जिन्हें भारत बायोटेक की कोवैक्सीन लगाई गई थी, उन्हें तीसरी डोज़ भी कोवैक्सीन की लगेगी.
  9. कोवैक्सीन का विकास हैदराबाद-स्थित भारत बायोटेक ने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (NIV-ICMR) के साथ मिलकर किया है. “कोवैक्सिन की तीसरी खुराक कारगर मालूम होती है”, आईसीएमआर ने रविवार को एक अध्ययन के प्री-प्रिंट को साझा करते हुए यह जानकारी दी, जिसकी अभी समीक्षा की जानी है.
  10. भारत ने शुक्रवार को वैक्सीन लगाने में 150 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था. स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, देश की 91 प्रतिशत वयस्क आबादी को कम से कम एक डोज़ लग चुका है, और 66 प्रतिशत आबादी को पूरी तरह वैक्सीनेट किया जा चुका है.

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