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Union Budget 2022 Highlights: एक नजर स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई प्रमुख घोषणाओं पर

Budget 2022 में देश में डिजिटल हेल्थकेयर और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की घोषणाओं पर जोर दिया गया

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mid the ongoing COVID-19 pandemic, replacing her signature 'bahi khata', she opted to carry the documents in a tablet
COVID-19 महामारी के बीच, अपने 'बही खाते' की जगह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक टैबलेट में बजट 2022 के दस्तावेजों को लाने का विकल्प चुना.

नई दिल्‍ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी) केंद्रीय बजट 2022 पेश किया, जो COVID-19 महामारी के दौरान उनका दूसरा बजट है. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत वर्तमान ओमिक्रॉन लहर का जिक्र करते हुए की. इसके अलावा, उन्‍होंने कहा कि हमारे टीकाकरण अभियान की गति और कवरेज ने अर्थव्यवस्था को भी ठीक करने में मदद की है. बजट 2022 में देश में डिजिटल हेल्थकेयर और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की घोषणाओं पर जोर दिया गया. बजट 2022 मानसिक स्वास्थ्य और देश के सामने स्वच्छ पेयजल की कमी जैसे अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकट को दूर करने पर भी ध्यान केंद्रित करता है.

पोषण, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर बजट 2022 की मुख्य विशेषताएं:

  1. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3.8 करोड़ घरों में नल का पानी उपलब्ध कराने के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए.
  2. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक नेशनल टेली मेंटल हेल्‍थ प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि COVID-19 महामारी ने सभी उम्र के लोगों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा दिया है. उन्होंने आज संसद में केंद्रीय बजट 2022-23 पेश करते हुए कहा, “23 टेली मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों का एक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा. इसका नोडल सेंटर निम्हांस (एनआईएमएचएएनएस) होगा और अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान बेंगलुरू (आईआईआईटीबी) इसे प्रौद्योगिकी सहायता देगा.”
  3. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इस साल राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक खुला मंच शुरू किया जाएगा. “इसमें हेल्‍थ प्रोवाइडर्स और स्वास्थ्य सुविधाओं की डिजिटल रजिस्ट्रियां, यूनिक हेल्‍थ आइडेंटिटी, कंसेंट फ्रेमवर्क और स्वास्थ्य सुविधाओं तक सार्वभौमिक पहुंच शामिल होगी”.
  4. महिला एवं बाल विकास के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2 लाख आंगनबाड़ियों को बेहतर सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा.
  5. “2023 को बाजरा के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में घोषित किया गया है”, उन्होंने आगे कहा कि सरकार फसल के बाद मूल्यवर्धन, घरेलू खपत बढ़ाने और बाजरा उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग के लिए सहायता प्रदान करेगी.
  6. जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई के लिए, वित्त मंत्री ने कोयले को ऊर्जा में बदलने के लिए 4 पायलट परियोजनाओं का ऐलान किया. कोयले का गैसीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोयले को आंशिक रूप से हवा, ऑक्सीजन, भाप या कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा नियंत्रित परिस्थितियों में ईंधन गैस का उत्पादन करने के लिए ऑक्सीकृत किया जाता है. सीमारमण ने कहा, “जलवायु परिवर्तन का जोखिम बाहरी कारक हैं.” इसके अलावा, वर्ष 2030 तक स्‍थापित सौर विद्युत का 280 गीगावॉट लक्ष्‍य हासिल करने के लिए उच्‍च दक्षता के सौर मॉड्यूल्‍स के निर्माण के लिए उत्‍पादन से जुड़े प्रोत्‍साहन के लिए 19,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त आवंटन. ताप‍ विद्युत संयंत्रों में 5 से 7 प्रतिशत बायोमास पैलेट्स फॉयर किए जाएंगे.
  7. शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए, वित्त मंत्री ने घोषणा की कि शून्य जीवाश्म ईंधन नीति के साथ विशेष गतिशीलता क्षेत्र पेश किए जाएंगे. उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग स्टेशनों के लिए बैटरी स्वैपिंग नीति तैयार करने का भी प्रस्ताव रखा. सीतारमण ने कहा, शहरी क्षेत्रों में जगह की कमी को ध्यान में रखते हुए, एक ‘बैटरी स्वैपिंग नीति’ लाई जाएगी. नीति बैटरी स्वैपिंग केंद्रों के तेजी से रोलआउट की सुविधा प्रदान करेगी, जहां ईवी मालिक चार्ज की गई बैटरी के साथ खत्‍म हुई बैटरी को बदलकर अपने ईवी को फिर से भरने में सक्षम होंगे. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों में लगी बैटरी को चार्ज करने में लगने वाले समय की भी बचत होगी. वर्तमान में, देश में कुछ ऐसे विकल्प उपलब्ध हैं और ईवी मालिकों को विशेष रूप से शहरों में चार्जिंग स्टेशनों पर अपने वाहनों को चार्ज करने के लिए घंटों लगाने पड़ते हैं.
  8. वित्त मंत्री ने विकलांग लोगों के लिए टैक्‍स में कटौती की भी घोषणा की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई पीछे न छूटे जाए. सीमारमण ने कहा, “दिव्यांग आश्रितों को उनके माता-पिता/अभिभावकों के जीवनकाल के दौरान यानी माता-पिता/अभिभावकों के साठ वर्ष की आयु प्राप्त करने पर भी बीमा योजनाओं से वार्षिकी और एकमुश्त राशि की अदायगी की अनुमति दी जाएगी”.

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