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विश्व स्तनपान सप्ताह 2023: जानिए इस साल की थीम, इतिहास और महत्व के बारे में

अगस्त में विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत होती है, जो दुनिया भर में स्तनपान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक वार्षिक अभियान है. वर्ल्ड अलायंस फॉर ब्रेस्टफीडिंग एक्शन (डब्ल्यूएबीए) की तरफ से स्थापित यह अभियान, व्यक्तियों को उनके स्तनपान सफर में सहयोग, सशक्त और प्रोत्साहित करने के लिए काम करता है

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विश्व स्तनपान सप्ताह 2023: जानिए इस साल की थीम, इतिहास और महत्व के बारे में
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया में आधे अरब से ज्यादा काम करने वाली महिलाओं को राष्ट्रीय कानूनों में आवश्यक मातृत्व सुरक्षा नहीं दी जाती है

नई दिल्ली: हर साल अगस्त के पहले सप्ताह (1 से 7 तारीख) को विश्व स्तनपान सप्ताह (डब्ल्यूबीडब्ल्यू) के रूप में मनाया जाता है. यह सप्ताह अगस्त 1990 में सरकारी पॉलिसीमेकर्स, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (यूनिसेफ) और अन्य संगठनों द्वारा स्तनपान की रक्षा, प्रचार और समर्थन करने के लिए साइंड इनोसेंटी डिक्लेरेशन का प्रतीक भी है.

विश्व स्तनपान सप्ताह का इतिहास

विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने संयुक्त रूप से साल 1989 में “स्तनपान की सुरक्षा, प्रचार और समर्थन: मातृत्व सेवाओं की विशेष भूमिका” शीर्षक से एक बयान जारी किया था. इस घोषणा में स्तनपान के लाभों के बारे में बताया गया था, जिसमें मां और बच्चे के स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्थिरता और पहुंच शामिल थे. डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ ने स्तनपान के बारे में सार्वजनिक धारणाओं को बदलने और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए सांस्कृतिक समर्थन को मजबूत करने के लिए देशों द्वारा उठाए जाने वाले कदमों की रूपरेखा तैयार की.

इसके बाद, साल 1990 में, स्तनपान की सुरक्षा, प्रचार और समर्थन के लिए सरकारी पॉलिसीमेकर्स, संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसियों और अन्य संगठनों द्वारा इनोसेंटी घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए. साल 1991 में, द वर्ल्ड अलायंस फॉर ब्रेस्टफीडिंग एक्शन (WABA) का गठन एक वैश्विक नेटवर्क के रूप में किया गया और 1992 से, दुनिया में हर साल स्तनपान सप्ताह मनाया जाने लगा. साल 1992 से विश्व स्तनपान सप्ताह स्तनपान, इसके लाभों और इससे संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 170 देशों में एक वैश्विक अभियान के रूप में चल रहा है.

विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम

वर्ल्ड अलायंस फॉर ब्रेस्टफीडिंग एक्शन (डब्ल्यूएबीए) हर साल एक अलग थीम के साथ विश्व स्तनपान दिवस मनाता है. डब्ल्यूएबीए ने इस वर्ष की थीम : “स्तनपान को सक्षम करना: कामकाजी परिजन के लिए बदलाव लाना (Protecting, Promoting, and Supporting Breastfeeding: The Special Role of Maternity Services).” निर्धारित की है.

इस साल की थीम माता-पिता को छुट्टी प्रदान करने के महत्व पर प्रकाश डालती है, जिससे माताओं को छह महीने तक विशेष रूप से स्तनपान कराने में सक्षम बनाया जा सके और बच्चों की देखभाल और घरेलू कार्यों में पिता या साझेदारों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके, जिसके परिणामस्वरूप लिंग-समान पालन-पोषण हो सके.

इसे भी पढ़ें: मां और शिशु दोनों के लिए ब्रेस्टफीडिंग क्यों जरूरी है? 

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया में आधे अरब से अधिक काम करने वाली महिलाओं को राष्ट्रीय कानूनों में आवश्यक मातृत्व सुरक्षा नहीं दी जाती है.

इस साल की थीम स्तनपान और काम पर केंद्रित होगी, जो स्तनपान का समर्थन करने वाले आवश्यक मातृत्व अधिकारों की वकालत करने के लिए एक रणनीतिक अवसर प्रदान करेगी. इसमें पर्याप्त मातृत्व अवकाश प्रदान करने से लेकर नई मां के लिए कार्यस्थल को अनुकूल बनाने तक शामिल है.

विश्व स्तनपान सप्ताह का महत्व

विशेष शो में डॉ. रोडेरिको ऑफ्रिन ने जो कहा उसके मुख्य अंश इस प्रकार हैं:

  1. स्तनपान बच्चों के स्वास्थ्य और अस्तित्व को सुनिश्चित करने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है. मां का दूध शिशुओं के लिए आदर्श भोजन है, क्योंकि इसमें एंटीबॉडीज होते हैं जो उन्हें बचपन की कई सामान्य बीमारियों से बचाते हैं.
  2. यह शिशु को जीवन के पहले कुछ महीनों के लिए आवश्यक ऊर्जा और सभी पोषक तत्व भी प्रदान करता है.
  3. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, पहले साल की दूसरी छमाही के दौरान मां का दूध बच्चे की पोषण संबंधी जरूरतों के आधे या उससे अधिक पोषक तत्व प्रदान करता है और जीवन के दूसरे साल के दौरान एक तिहाई तक पोषक तत्व प्रदान करता है.
  4. जिन बच्चों को स्तनपान कराया जाता है, उनके बीमार पड़ने, अधिक वजन बढ़ने या मोटापे का शिकार होने और साथ ही भविष्य में उनके मधुमेह से ग्रसित होने की संभावना काफी कम हो जाती है.
  5. स्तनपान करने वाले शिशुओं में यूरेनरी ट्रेक्ट इन्फेक्शन (मूत्राशय संक्रमण) का खतरा कम होता है.
  6. स्तनपान, बचपन और किशोरावस्था के समय एटोपिक एक्जिमा, फूड एलर्जी और श्वसन एलर्जी सहित एटोपिक बीमारियों को रोकने में मदद करता है.
  7. स्तनपान के लाभ केवल बच्चों तक ही सीमित नहीं हैं. स्तनपान से महिलाओं में ब्रेस्ट और ओवेरियन का कैंसर, एनीमिया और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी कम हो जाता है.
  8. वर्ल्ड एलायंस फॉर ब्रेस्टफीडिंग एक्शन का कहना है कि स्तनपान माताओं और बच्चों के लिए भावनात्मक लाभ प्रदान करता है.
  9. स्तनपान से बच्चों के जन्म के बीच अंतर बढ़ता है, जिससे महिलाओं को प्रसव से उबरने और अपने नवजात बच्चों की देखभाल अच्छी तरह से करने के लिए ज्यादा समय मिलता है.

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