Connect with us

ताज़ातरीन ख़बरें

ग्‍लोबल हैंडवाशिंग डे 2021: इन बातों को जानना है ज़रूरी

ग्लोबल हैंडवाशिंग डे हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता है, इस साल की थीम है ‘हमारा हाथ, हमारा भविष्य- चलो एक साथ आगे बढ़ें’

Read In English
ग्‍लोबल हैंडवाशिंग डे 2021: इन बातों को जानना है ज़रूरी
Highlights
  • COVID-19 के दौर में ग्लोबल हैंडवाशिंग डे और भी महत्वपूर्ण हो गया है
  • हाथ धोने से COVID-19 की संभावना 36% तक कम हो सकता है: यूनिसेफ
  • दुनिया में 5 में से 1 व्यक्ति टॉयलेट के बाद साबुन से हाथ धोता है: वाटरएड

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि बीमारी फैलाने का मुख्‍य मार्ग हाथ होते हैं और इस प्रकार संक्रमण के प्रसार से बचने और लोगों को स्वस्थ रखने के लिए हाथ धोना सबसे महत्वपूर्ण उपाय है. यूनिसेफ के अनुसार, टॉयलेट जाने के बाद या खाने से पहले हाथ धोने की आदत से बच्चों को दस्त होने का खतरा 40% तक कम हो सकता है. यूनिसेफ ने कहा है कि COVID-19 के इस दौर में, हाथ धोने से COVID-19 संक्रमण होने की संभावना 36 प्रतिशत तक कम होने की हो जाती है.

विश्‍व भर में 15 अक्टूबर को ‘ग्लोबल हैंडवाशिंग डे’ मनाया जाता है, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें और महत्‍व को.

इसे भी पढ़ें : #SwasthBharat: जानें कितनी तरह के होते हैं कीटाणु, इनसे कैसे बचा जा सकता है

ग्लोबल हैंडवाशिंग डे 2021 की थीम

हर साल, ग्लोबल हैंडवाशिंग डे एक थीम के साथ मनाया जाता है और इस साल की थीम है- ‘हमारा भविष्य हमारे हाथ – चलो एक साथ आगे बढ़ें’ है. यह विषय पिछले वर्ष की सीखों पर प्रकाश डालता है जिसमें एक बार और सभी के लिए हाथ धोने की जरूरत, नीतियों और कार्यक्रमों की ऐतिहासिक उपेक्षा को दूर करने के लिए सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया था. विषय इस बात पर जोर देता है कि जैसे ही दुनिया COVID-19 से परे एक नए दौर में जाएगी,तब हमारा भविष्य हमारे हाथ में होगा. इस वर्ष की थीम सार्वभौमिक हाथ की सफाई की दिशा में समन्वित कार्रवाई का आह्वान करती है.

ग्लोबल हैंडवाशिंग डे के इतिहास पर एक नजर और इसे क्यों मनाया जाता है?

ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की स्थापना ग्लोबल हैंडवाशिंग पार्टनरशिप द्वारा की गई थी, जो अंतरराष्ट्रीय हितधारकों का एक गठबंधन है. यह गठबंधन साबुन से हाथ धोने को बढ़ावा देने के लिए काम करता है. यह दिन हर साल 15 अक्टूबर को लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है कि साबुन से हाथ धोना बीमारियों को रोकने का एक आसान, प्रभावी और किफायती तरीका है और यह जीवन की रक्षा भी करता है.

पहला ग्लोबल हैंडवाशिंग डे 2008 में आयोजित किया गया था. इस दौरान दुनिया भर के 120 मिलियन से अधिक बच्चों ने 70 से अधिक देशों में साबुन से हाथ धोए थे. तब से लेकर अब तक ग्लोबल हैंडवाशिंग डे बढ़ता ही जा रहा है. ग्लोबल हैंडवाशिंग डे का समर्थन सरकारों, स्कूलों, अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों, गैर सरकारी संगठनों, निजी कंपनियों, व्यक्तियों और अन्य द्वारा किया जाता है.

इसे भी पढ़ें : आपके समग्र स्वास्थ्य की कुंजी, 5 बीमारियां जिन पर हाथ धोने से लगेगी लगाम

हाथ धोना क्यों जरूरी है?

1. पानी, स्वच्छता पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन वाटरएड के अनुसार, पानी से संबंधित बीमारियों और हाथ धोने के कारण विश्व स्तर पर हर साल बच्‍चे 443 मिलियन दिन स्कूल जाने से रह जाते हैं.

2. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 4 (2015-16), जो भारत में किया गया अंतिम पूर्ण सर्वेक्षण है, देश में हाथ धोने की गंभीर स्थिति को भी उजागर करता है. सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में लगभग सभी घरों में (97% तक वॉशबेसिन हैं), शहरी क्षेत्रों में केवल अमीर और अधिक शिक्षित परिवार ही हाथ धोने के लिए साबुन का इस्‍तेमाल करते हैं. सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि 10 में से केवल 2 गरीब घर, 10 में से 9 अमीर घरों की तुलना में साबुन का उपयोग करते हैं.

3. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि 2019 में 5 साल से कम उम्र के अनुमानित 5.2 मिलियन बच्चों की मौत ज्यादातर रोके जाने योग्य और उपचार योग्य कारणों से हुई. डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा कि 2019 में पांच साल से कम उम्र के लोगों की मौत सिर्फ पांच देशों में हुई. ये देश थे- नाइजीरिया, भारत, पाकिस्तान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इथियोपिया. अकेले नाइजीरिया और भारत में सभी मौतों का लगभग एक तिहाई हिस्सा है. 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारणों में समय से पहले जन्म संबंधी जटिलताएं, निमोनिया, जन्मजात विसंगतियां, डायरिया और मलेरिया हैं, इन सभी का सरल, किफायती उपायों से हाथ धोने, पर्याप्त पोषण, सुरक्षित पानी और भोजन के साथ रोका या इलाज किया जा सकता है.

4. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग एक लाख बच्चे डायरिया से मर जाते हैं. यूनिसेफ का कहना है कि हाथ धोने से डायरिया की दर 40 प्रतिशत से अधिक कम हो सकती है.

इसे भी पढ़ें : #SwasthBharat: हाथ की स्वच्छता – क्यों, कैसे और कब

अपने हाथों को सही तरीके से कैसे धोएं: WHO द्वारा बताई गइ इस गाइड का करें पालन

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अगर हाथ गंदे लग रहे हैं तो साबुन और पानी से हाथ धोने की सलाह दी जाती है. डब्ल्यूएचओ ने हाथ धोने के लिए नीचे दिए गए 11 स्‍टेप्‍स की सिफारिश की है:

• चरण 1: हाथों को पानी से गीला करें

• चरण 2: हाथ की सभी सतहों पर साबुन लगाएं

• चरण 3: हाथों की हथेली को हथेली से रगड़ें

• चरण 4: बाएं हाथ पर दाहिनी हथेली, आपस में अंगुलियां और इसके विपरीत रगड़ें

• चरण 5: हथेलियों से हथेलियों तक अच्‍छे से साबुन लगाएं

• चरण 6: अंगुलियों के पीछे के हिस्‍से पर साबुन लगाएं

• चरण 7: बाएं और दाएं अंगूठे को आपस में रगड़ें

• चरण 8: प्रत्येक हथेली को अच्‍छे से रगडे़ं

• चरण 9: अब हाथ पानी से धो लें

• चरण 10: एक साफ तौलिये से अच्छी तरह हाथों को सुखाएं

• चरण 11: नल को बंद करने के लिए तौलिये का उपयोग करें.

इसे भी पढ़ें : सेल्फ केयर: रोज़ाना इन 5 टिप्स को जरूर करें फॉलो

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Highlights Of The 12-Hour Telethon

Reckitt’s Commitment To A Better Future

India’s Unsung Heroes

Women’s Health

हिंदी में पड़े

Folk Music For A Swasth India

RajasthanDay” src=